रेवाड़ी। लड़ाकू विमान हादसे में बलिदान हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान अंतिम संस्कार में उनकी मंगेतर भी पहुंचीं। मंगेतर ने रोते हुए कहा कि एक बार चेहरा तो दिखा दो। वहीं इस दौरान भारत माता की जय और सिद्धार्थ यादव अमर रहे के नारे गूंजते रहे। चचेरे भाई सुधीर यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी।
रेवाड़ी। गुजरात के जामनगर में दो दिन पहले एयरफोर्स के जगुआर लड़ाकू विमान के क्रैश होने से बलिदान हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ गांव भालकी माजरा में अंतिम संस्कार किया गया। उनके चचेरे भाई सुधीर यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अंतिम सफर पर निकले सिद्धार्थ यादव के दर्शन करने के लिए उनकी मंगेतर भी गांव भालकी माजरा पहुंचीं। सिद्धार्थ यादव की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी।
भारत माता की जय’ और ’सिद्धार्थ यादव अमर रहे’ के लगे नारे
सिद्धार्थ यादव के अंतिम संस्कार में आसपास के गांव के सैकड़ो लोग पहुंचे। इस दौरान ’भारत माता की जय’ और ’सिद्धार्थ यादव अमर रहे’ जैसे नारे गूंजते रहे। अपने अंतिम सफर पर निकले सिद्धार्थ यादव का पार्थिव शरीर देख हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे।
परिवार का इकलौता बेटा था सिद्धार्थ
बता दें कि सिद्धार्थ यादव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। 31 मार्च को ही वह अपनी छुट्टी पूरी कर वापस ड्यूटी पर गुजरात पहुंचे थे। दो मार्च को गुजरात के जामनगर में एयरफोर्स के जगुआर लड़ाकू विमान के क्रैश होने से वह दिवंगत हुए थे। एयरफोर्स की कैप पहन कर मां सुशीला यादव ने बेटे को अंतिम विदाई दी। इस दौरान सिद्धार्थ की मां की हालत देखकर हर कोई भावुक हो गया।