उत्तरकाशी। सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अंतिम पड़ाव में पहुंच गया है। फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने का कार्य शुरू हो चुका है।
मिली जानकारी के अनुसार सुरंग से श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के पहले एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान सुरंग के अंदर जा चुके हैं। जिसमें सबसे पहले एक बुजुर्ग श्रमिक को बाहर निकाला गया। अब तक सुरंग से 15 श्रमिकों को बाहर निकाला गया है। वहां से श्रमिकों को एक-एक कर बाहर लाया जाएगा। एक श्रमिक को बाहर निकालने में करीब दो से तीन मिनट का समय लगेगा। बताया जा रहा सुरंग से बाहर निकल जाने के बाद श्रमिकों को सुरंग के अंदर ही सुरक्षित स्थान पर कुछ समय के लिए रखा जाएगा।म पूरा कर लिया है, वहीं ड्रिलिंग 57 मीटर तक की जानी है। मैनुअल ड्रिलिंग के बाद उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
0 ऐसे हुई थी घटना
दरअसल 12 नवंबर 2023 की अल सुबह 5.30 बजे सिलक्यारा से बड़कोट के बीच बन रही निर्माणाधीन सुरंग में धंसाव हो गया। सुरंग के सिल्क्यारा हिस्से में 60 मीटर की दूरी में मलबा गिरने के कारण यह घटना हुई। 41 मजदूर सुरंग के अंदर सिलक्यारा पोर्टल से 260 मीटर से 265 मीटर अंदर रिप्रोफाइलिंग का काम कर रहे थे, तभी सिलक्यारा पोर्टल से 205 मीटर से 260 मीटर की दूरी पर मिट्टी का धंसाव हुआ और सभी 41 श्रमिक अंदर फंस गए। घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना राज्य और केंद्र सरकार की सभी संबंधित एजेंसियों को दी गई और उपलब्ध पाइपों के जरिए सुरंग में फंसे हुए श्रमिकों को ऑक्सीजन, पानी, बिजली, पैक भोजन की आपूर्ति के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। फंसे हुए श्रमिकों से वॉकी-टॉकी के माध्यम से भी संचार स्थापित किया गया है। श्रमिकों को शीघ्र बचाव के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया जो अब तक जारी है।