मध्यप्रदेश। छतरपुर जिले के बिजावर थाना क्षेत्र के ग्राम ललगुवां पाली में खेलते -खेलते 3 वर्षीय मासूम जा गिरी। बताया जा रहा है कि मासूम 30 फीट गहरे बोरवेल में फंसी हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। जेसीबी से बोरवेल के बगल में खुदाई जारी है। बोरवेल में बच्ची नैंसी विश्वकर्मा तक ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। बावजूद इसके घटनाओं से सबक नहीं लिया गया। बोर करने के बाद यूं ही खुला छोड़ दिया जाता है। इसका गंभीर परिणाम सामने भी आया है। बच्ची को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कहा कि 3 साल की बच्ची नैंसी विश्वकर्मा बोरवेल में गिर गई है, जिसके लिए जिले से सभी संसाधनों को मंगाकर रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। हम जिला मुख्यालय से बिजावर जा रहे हैं। लोगों से अपील हैं कि आप सभी बच्ची के लिए प्रार्थना करिए। बच्ची को सकुशल रिकवर करने की उम्मीद है।
दिसंबर में भी घटी थी घटना, मासूम तन्मय की हुई थी मौत
बता दें कि इससे पहले दिसंबर 2022 में बैतूल जिले के मांडवी गांव में 400 फीट गहरे खुले बोरवेल में 8 साल का तन्मय साहू गिर गया था। वह 50 फीट की गहराई में फंसा हुआ था। उसका 84 घंटे में रेस्क्यू किया गया, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका। सरकार और प्रशासन के बार-बार चेतावनी के बावजूद बोरवेल को खुला छोड़ा जा रहा है। जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इसमें प्रशासन की भी गंभीर लापरवाही देखने को मिली है। अधिकारी समय पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचते हैं। बोरवेल में मासूम बच्चों के गिरने का यह कोई पहला मामला नहीं है । इसके पहले भी देश में अनेकों बार ऐसी घटनाएं घट चुकी है, जिसमें दैवीय चमत्कार से किसी की जिंदगी बच गई तो किसी की नहीं बच सकी। इसमें जितनी लापरवाही जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की है उतनी ही उन लोगों की भी है जिन्होंने बोरवेल के लिए खुदाई करवाकर खुला छोड़ दिया।