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भोपाल

अक्षय की फिल्म ‘स्पेशल 26’ की स्टाईल : लोकायुक्त की फर्जी टीम पहुंची बैंक प्रबंधक के घर, कार में लिखा था हाईकोर्ट

भोपाल-गंजबासौदा। सन् 2013 में एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल 26’ में अक्षय कुमार अनुपम खेर को फर्जी सीबीआई ऑफिसर बनकर व्यापारियों से ठगी करते बताया गया हैं। इसी अंदाज में ठगी का प्रयास विदिशा जिले के गंजबासौदा में किया गया।यहां 3 लोगों ने मिलकर बैंक मैनेजर से पैसे ऐंठने की कोशिश की। हालांकि मैनेजर ने सूझबूझ से अपने मित्रों के साथ मिलकर उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है। घटना शुक्रवार देर शाम की है। गंजबासौदा देहात पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।नागरिक बैंक के प्रबंधक हरिओम भावसार ने बताया कि शाम को बैंक बंद कर अपने घर पहुंचा था, तभी एक शख्स मेरे पास आया और कहने लगा कि साहब कार में बैठे हैं। आपसे चर्चा करना चाहते हैं। मैं कार के पास गया। उस कार में 2 लोग और बैठे थे। उनमें से एक व्यक्ति ने अपने आप को डीएसपी लोकायुक्त योगेश खुरचानिया बताया। वह मुझसे कहने लगे कि आपके खिलाफ लोकायुक्त में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत आई है। आपकी गिरफ्तारी हो सकती है। कुछ ले-देकर मामला निपटा लो। भावसार ने उनसे कहा कि उस मामले में जांच हो चुकी है। उसके दस्तावेज मैं बता सकता हूं। यह सुनकर आरोपी इधर-उधर की बातें करने लगे। उनकी बातों से भावसार को उन पर शक हुआ। इतने में मैनेजर के कुछ दोस्त पहुंचे और उनसे पूछताछ शुरू की तो फर्जी अधिकारी भागने लगे। उनमें से 2 लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। मैनेजर ने बताया कि एक व्यक्ति मौके से भाग गया है।

अपने साथ पिस्टल भी लेकर आए थे
आरोपी अपने साथ पिस्टल भी लेकर आए थे। कार एमपी 09 सीएम 0029 के सामने हाईकोर्ट लिखा हुआ था। जिन 2 लोगों को देहात थाने में सौंपा गया, उनमें से एक ने अपना नाम रामेश्वर प्रसाद मालवीय तो दूसरे ने निकेत शर्मा बताया है। इन दोनों ने पुलिस को बताया है कि वे डीएसपी योगेश खुरचानिया के साथ गंजबासौदा एक मामले की तामील लेकर आए थे। पुलिस ने उनकी बात के आधार पर जांच की तो लोकायुक्त कार्यालय से जुड़े हुए नहीं थे। पुलिस ने रामेश्वर मालवील और निकेत शर्मा के खिलाफ 419, 384, 467 के तहत मामला दर्ज किया है।मैनेजर पर दो महीने पहले दर्ज हुआ था गबन का मामलाजानकारी के अनुसार हरिओम भावसार पर दो महीने पहले बैंक में राशि के गबन के आरोप लगे थे, जिसमें लगभग 26 लाख रुपए का हेरफेर भावसार ने अपने खाते में किया था। इसके बाद हरिओम भावसार ने सभी दस्तावेज पेश कर दिए और राशि भी लौटा दी थी। वहीं, इस मामले की जानकारी मिलते ही ठगों ने भी उन्हें अपना शिकार बनाने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधक की सूझबूझ से पकड़े गए।सरकारी कर्मचारी है एक आरोपीएएसपी समीर यादव ने बताया कि दोनों ठग भोपाल के रहने वाले हैं। एक आरोपित रामेश्वर मालवीय उद्यानिकी विभाग में कर्मचारी है। निकेत शर्मा उसी कार का मालिक है, जिससे वह गंजबासौदा आए थे। इन्होंने मैनेजर से पैसों की मांग की थी। इनके पास फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं। आरोपियों ने लोकायुक्त डीएसपी योगेश खुरचानिया के नाम का उपयोग किया है। हालांकि, इनमें तीसरा ठग अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है, फिर उसकी पहचान हो सकेगी। वहीं, इनसे आगे की पूछताछ कर और जानकारी ली जा रही है।

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