भुवनेश्वर। 23 जनवरी, 2019 को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर तंत्र साधना के लिए बलि देने के बहाने अपनी पत्नी की बेडरूम में धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी थी। हत्यारा पति प्रह्लाद दास बंशादा थाना अंतर्गत खदल पोखरी गांव के विद्याधर दास का बड़ा बेटा है। तंत्र साधना के लिए पत्नी रश्मि नायक की गला काटकर हत्या करने का दोष प्रमाणित होने के बाद भद्रक के जिला न्यायाधीश प्रद्युम्न कुमार नायक ने पत्नी की हत्या के जुर्म में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने के सश्रम कारावास की सजा और काटनी होगी।
दामाद ने ससुर को ऐसे दिया झांसा
जानकारी के मुताबिक, बांशदा थाना के खडाल पोखरी गांव के आरोपी प्रह्लाद ने पास के शशिकादीपुर गांव के लखीधर नायक की बेटी रश्मिता से 2016 में धामराई मंदिर में शादी की थी। 24 जनवरी, 2019 को प्रह्लाद के पिता ने रश्मिता के पिता को फोन कर कहा कि उनकी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। खबर मिलने पर लक्ष्मीधर अपनी पत्नी के साथ बेटी के ससुराल पहुंचे और अपनी बेटी को बिस्तर पर मृत पाया। उन्होंने देखा कि आसपास खून के छींटे थे और उसके गले पर कटने के निशान थे। पास में यज्ञ सामग्री के साथ एक धारदार हथियार भी रखा हुआ था।
पहले पूरे ससुराल पर दर्ज हुआ था मामला
उनकी बेटी की हत्या कथित तौर पर उसके पति, सास, ससुर, देवर और बहू ने संयुक्त रूप से की थी। इसके आधार पर बांशदा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा की धारा 498 (ए), 302, 304 (बी) के तहत मामला दर्ज कर पति प्रह्लाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सजा से बचने के लिए दिया गया था मानसिक बीमारी का हवाला
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि केवल उसका पति प्रह्लाद हत्या में शामिल था और उसने तंत्र साधना के लिए बेडरूम में अपनी पत्नी की बलि दी थी इसलिए उसके खिलाफ धारा 302 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि प्रह्लाद विकृत दिमाग वाला व्यक्ति है, लेकिन वह उससे संबंधित कोई दस्तावेज जमा नहीं कर पाए इसलिए माननीय अदालत ने पति प्रह्लाद को अपनी पत्नी की हत्या के लिए उपरोक्त सजा सुनाई। शिकायतकर्ता की ओर से पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रदीप्त कुमार सामल मामले को देख रहे थे।