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छत्तीसगढ़

54.46 मिमी बारिश, निचली बस्तियों में घुसा पानी, सड़क में आवागमन बुरी तरह प्रभावित

कोरबा। इस वर्ष 44 डिग्री तक पहुंचे तापमान के कारण जमकर परेशानी झेलने वाले लोगों को बारिश ने राहत दी है। जून में अब तक 54.46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण निचली बस्तियों के साथ-साथ सड़क़ों में पानी भर गया। कई स्थानों में सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी बारिश और येलो अलर्ट को लेकर इस बार भी सच साबित नहीं हो रही है। लगभग एक पखवाड़े की देरी से बारिश जिले में सक्रिय हुई। जिले भर में बारिश मध्यम तेज गति से जारी है। वर्षा का आंकलन करने वाले भूअभिलेख अधीक्षक अमित झा ने बताया कि जून में आज तक 54.46 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछली रात से बारिश के आसार थे। आंशिक तौर पर इसका प्रभाव रहा। जबकि सुबह से शुरू हुई बारिश ने सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापकता बनाई। इलाके को तरबतर कर दिया। गर्मी और उमस से भले ही राहत मिली, लेकिन बारिश के प्रभाव से कई क्षेत्रों में जबरदस्त समस्या भी उत्पन्न हुईं। कोरबा के सीतामणी, इमलीडुग्गु, सर्वमंगलानागर, इंडस्ट्रीयल एरिया, बालकोंनगर के लालघाट, भदरा पारा, दर्री के कलमीडुग्गु समेत बांकीमोंगरा में आंतरिक मार्ग लबालब हो गए। सड़क़ का पानी लोगों के घरों में जा घुसा। इससे अजीब स्थिति बन गई। घरों के सामान को बचाने के लिए लोगों को मेहनत करनी पड़ी। बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में प्रशासन और नगर निगम को अलग-अलग स्तर से जानकारी दी गई है। ऐसे प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए अधिकारियों ने ध्यान दिया है।

बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण अगर लोगों के सामने मुश्किल होती है तो उन्हें अस्थाई रूप से शरण देने के लिए सेल्टर केंद्र बनाए जाएंगे। जल्दी इस बारे में योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस तरह की व्यवस्था प्रभावित क्षेत्र के आसपास स्कूल व सामुदायिक भवन में की जाएगी। वहां भोजन व अन्य जरूरी सुविधा दी जाएंगी।

जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी नहीं

इससे पहले ही जल संसाधन विभाग के द्वारा लोगों को सूचना जारी करते हुए कह दिया गया है कि नदी के पास से अपनी परिसंपत्तियों को हटाने का काम करें। इनमें ठेकेदारों के कैंप से लेकर लोगों के दूसरे प्रयोजन की संपत्ति शामिल है। बारिश के मध्य नजर विभाग के अधिकारी ने जारी नोटिस में स्पष्ट किया था कि संबंधित क्षेत्र में अति वर्षा होने पर बांध से नदी में पानी छोड़ा जा सकता है। इस स्थिति में होने वाले नुकसान के लिए जल संसाधन विभाग किसी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।

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