दंतेवाड़ा। हिंसा का रास्ता छोड़कर 8 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 2 नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित था। सरेंडर करने वालों में 3 महिला नक्सली भी शामिल हैं। ये सभी पिछले कई वर्षों से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। सड़क काटकर मार्ग बाधित करना, आईईडी ब्लास्ट कर पुल-पुलिया उड़ाना, बैनर-पोस्टर लगाने जैसा काम किया करते थे।
दरअसल सरेंडर करने वाले माओवादियों में से अधिकतर माओवादी धुर नक्सल प्रभावित इलाके मारजुम के रहने वाले हैं। सभी नक्सली मलांगेर एरिया कमेटी में सक्रिय थे। इनमें से मारजुम पंचायत मिलिशिया कमांडर मंगडू कुहड़ामी और टेटम पंचायत केएएमएस अध्यक्ष कुमारी लखमे उर्फ लक्ष्मी मुचाकी पर एक-एक लाख रुपए का इनाम है। अन्य नक्सली भी पिछले कई सालों से संगठन में सक्रिय थे। जो बड़े लीडरों के बैठक की व्यवस्था करते थे।
बता दें नक्सलियों के खिलाफ दंतेवाड़ा पुलिस जिले में लोन वर्राटू यानी घर वापस आइए अभियान चला रही है। इसी अभियान से प्रभावित होकर सभी नक्सलियों में हिंसा का रास्ता छोड़ा है। बताया जा रहा है कि इस अभियान से प्रभावित होकर अब तक जिले में कुल 639 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।
0 इन्होंने किया सरेंडर
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में मंगडू कुहड़ामी, मारजुम पंचायत मिलिशिया कमांडर, कुमारी लखमे उर्फ लक्ष्मी मुचाकी टेटम पंचायत केएएमएस अध्यक्ष, मंगडू सोड़ी मारजुम पंचायत कृषि शाखा अध्यक्ष, कोसा राम मंडावी, मारजुम पंचायत मिलिशिया सदस्य, हड़मा मुचाकी टेटम पंचायत मिलिशिया सदस्य, बोटी मुचाकी ग्राम कोटरूम कमेटी उपाध्यक्ष, कोसी मड़काम टेटम पंचायत केएएमएस उपाध्यक्ष, देवे मड़काम टेटम पंचायत केएएमएस सदस्य शामिल हैं।