कोरबा। गेवरा परियोजना के सेवानिवृत्त कर्मचारी को गूगल से नम्बर सर्च कर बैंक में फोन करना महंगा पड़ गया। एसईसीएल के गेवरा परियोजना से रिटायरमेंट के बाद कृपा राम चौधरी अटल विहार, कोतरा रोड रायगढ़ में रह रहा है। उसका बैंक खाता एसबीआई गेवरा में है। उसने House Building लोन लिया था, और इसकी क्लीयरेंस के लिए एसबीआई गेवरा में आवेदन दिया था जिसकी जानकारी लेने के लिए कृपा राम ने गूगल से सर्च कर गेवरा बैंक का फोन नंबर ज्ञात किया और अपने फोन किया। सामने फोन उठाने वाले व्यक्ति ने एसबीआई गेवरा प्रोजेक्ट का कर्मचारी होने की पुष्टि की। फ़ोन पर व्यक्ति ने लोन क्लियर न होने की जानकारी दी और कहा कि लोन को क्लियर करने के लिए YONO APP में ऑनलाइन एप्लीकेशन डालना होगा। उसने मुझे YONO SBI App खोलने के साथ साथ Anydesk App डाउनलोड करवाया और जो बोलता गया वह किया। इस दौरान उसने 2 बार ओटीपी भी कृपा राम से लिया।
कृपा राम चौधरी अपने ऑफिसियल वर्क निपटने के लिए गेवरा प्रोजेक्ट गया था, तब उसे उक्त नंबर से वापस फोन आया तब कृपा ने कहा कि वह बैंक जा कर लोन क्लियर करेगा। इसके थोड़े देर बार सुबह 10:33 बजे खाते से 5 लाख रुपये डेबिट हो गया और 10:36 बजे एक और ट्रांजैक्शन हुआ जिसमें 5 लाख और डेबिट हो गए। इस प्रकार 10 लाख का इंटरनेट बैंकिंग फ्रॉड हुआ। वह तुरंत गेवरा बैंक गया और अपना खाता लॉक करा कर सलाह पर साइबर सेल में फर्स्ट इनफार्मेशन दे दिया।