कोरबा। अचानकमार टाइगर रिजर्व से आई बाघिन कटघोरा के जंगल में 6 दिन रही। इस दौरान उसने तीन बार शिकार किया। जंगली सूअर, गाय और एक बछड़े को अपना निशाना बनाकर पेट भरा। उसे यहां केंदई के घने जंगल में न केवल पर्याप्त शिकार मिला, बल्कि पीने के पानी भी उपलब्ध रहा।
बाघिन भले ही कटघोरा के जंगल से वापस मारवाही की ओर लौट गई हैं। मगर, वन विभाग के उच्च अधिकारी बेहद उत्साहित हैं। डीएफओ कुमार निशांत का कहना है कि यह संकेत है कि कटघोरा का जंगल जैव विविधता से परिपूर्ण और समृद्ध है।
उन्होंने बताया कि जिनते भी दिन यहां बाघिन रही, 22 कर्मचारियों की टीम ने 24 घंटे उसकी निगरानी की। कॉलर आईडी लगे होने की वजह उसके हर एक गतिविधयों का पता आसानी से लगता रहा। पसान और केंदई के 64 किलोमीटर के दायरे में उसने विचरण किया। शिकार करने के बाद वह केंदई के साल्ही पहाड़ के पास आराम कर रही थी। इस दौरान हमने ड्रोन कैमरे से उसकी फोटो ले ली।