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छत्तीसगढ़ के सरगुजा और अंबिकापुर में कोल्ड वेव

रायपुर। उत्तर से आने वाली शुष्क हवाओं से गुरुवार को ठंड ने अपना असर दिखाया। हालांकि शुक्रवार से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ ठंड के लिए दीवार बन जाएगा। इससे ठंड कम होगी। शुक्रवार और शनिवार को न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा, वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में है।

गुरुवार को बलरामपुर प्रदेश का सबसे ठंडा रहा। यहां का तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार जनवरी में ठंड के तेवर तीखे बने रहने की संभावना है, हालांकि विक्षोभ सक्रिय होंगे, लेकिन तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। आगामी दो दिनों में विक्षोभ के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने की संभावना है।

प्रदेश में न्यूनतम तापमान में चार से सात जनवरी तक लगातार वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री के आसपास वृद्धि की संभावना है। प्रदेश में 22 दिसंबर से ठंड गायब होने लगी थी। अब एक जनवरी से फिर पारा तेजी से गिराना शुरू हुआ था, दो दिन की ठंड में ही दिन का पारा बढ़ा है, पारा आठ डिग्री तक गिर गया है।

प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री बीजापुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया।शुक्रवार को रायपुर में आसमान साफ रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 29 डिग्री और 12 डिग्री के आसपास रहेगा।

चक्रवात हुआ सक्रिय

पश्चिमी विक्षोभ के रूप में चक्रवाती परिसंचरण ईरान के मध्य भागों पर समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है, तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त बना हुआ है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर है, जिसके कारण फिर से तापमान बदल गया है।

इस साल पड़ी सबसे ज्यादा ठंड

पिछले 10 सालों में रायपुर में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी। हालांकि इसके बाद दिसंबर का तीसरा व चौथा सप्ताह गर्म बीता। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण ऐसा हुआ। ये स्थिति न केवल रायपुर, बल्कि दूसरे इलाकों में भी रही। शुक्रवार को फिर से न्यूनतम तापमान वृद्धि की संभावना है।

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