बिलासपुर। बीते दिनों देर रात हाइवे पर सिरगिट्टी सिलपहरी के पास कार सवारों पर दो हमलावरों ने पत्थर से हमला किया था, जिसमें गंभीर रूप से घायल जांजगीर चांपा जिले के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र चंद्राकर की ईलाज के दौरान मौत हो गई।
गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के रेमंड परसदा निवासी बालमुकुंद वर्मा ट्रांसपोर्टिंग का काम करते हैं। गुरूवार 23 मई की शाम छह बजे वे अपने पड़ोसी पूर्व जनपद अध्यक्ष रामचंद्र चंद्राकर और उनके परिवार के सदस्यों को लेकर तखतपुर में रहने वाले रिश्तेदार के घर गए थे। वहां से भोजन के बाद वे परसदा लौट रहे थे। सकरी से वे जांजगीर-चांपा बाइपास होते हुए मस्तूरी की ओर जा रहे थे। उनकी कार सिलपहरी के पास पहुंची थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े दो युवकों ने उनकी कार पर पथराव कर दिया। पत्थर से कार का शीशा टूट गया। पत्थर लगने से कार के बीच वाली सीट पर बैठे रामचंद्र के सिर पर गंभीर चोट आई। कार चला रहे बालमुकुंद ने रफ्तार कम किया तो युवक अपनी बाइक से सृजन फैक्टरी की ओर भाग निकले। उन्होंने घायल को तोरवा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। छह दिन तक चले उपचार के बाद बुधवार को पूर्व जनपद अध्यक्ष ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पीएम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में सिरगिट्टी पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों को हत्या के प्रयास में गिरफ्तार कर लिया था, वहीं पीड़ित की मौत के बाद और हत्या की धाराएं भी जोड़ी जाएंगीं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पीएम के लिए पैसा मांगने पर भड़के परिजन
जिला अस्पताल में मृतक का पोस्टमार्टम के लिए पैसे की डिमांड की गई। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताई। पैसा नही ंदेने पर पीएम से इंकार कर दिया। हंगामे के बाद डॉक्टर और थाना प्रभारी सिरगिट्टी ने मौके पर पहुंचकर पोस्टमार्टम कराया।