बिलासपुर। अपने आपको हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताने वाली महिला ने किसान को जमीन विवाद का केस लड़ने की बात कही। महिला ने किसान के साथ हजारों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जब पीड़ित को फर्जी अधिवक्ता के संबंध में जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत चकरभाठा थाने में दर्ज कराई।
मिली जानकारी के अनुसार बेलगहना के ग्राम ढोलमहुआ निवासी अंजू मानिकपुरी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पड़ोसी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। मामले में एक सहेली के माध्यम से प्रियंका चेलसे से संपर्क हुआ था। उसने अपने आपको हाईकोर्ट का वकील बताया था और कोई केस होने पर जीताकर देने का हवाला दिया था। जिस पर भरोसा कर प्रार्थिया अंजू मानिकपुरी ने उससे संपर्क कर अपने जमीन विवाद का केस लड़ने की बात कही। तब उसने 50 हजार रूपए की मांग की, जिस पर प्रार्थिया अंजू ने जमीन के मूल दस्तावेज और 25 हजार रूपए उसे दे दिए। बाकी पैसे केस जीतने पर देने की बात हुई थी। लेकिन इसी बीच फिर प्रियंका ने 5 हजार रूपए मांगे। तब अंजू ने दूसरे दिन देने की बात कही। दूसरे दिन प्रियंका ने फिर पैसे की मांग की और बोली कि केस हार जाऊंगी तो मत बोलना। शक होने पर प्रार्थिया हाईकोर्ट पहुंची और प्रियंका चेलसे के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि ऐसी कोई हाईकोर्ट में वकील नहीं है। तब प्रार्थिया ने प्रियंका को फोन कर हाईकोर्ट बुलाया, जहां उसने फिर से पैसों की मांग की और काम हो जाने की बात कही। तब अंजू ने केस नंबर और कागजात मांगे तो वह दस्तावेज लेकर भाग गई। प्रार्थिया और उसकी सहेली के फोन नंबर को ब्लॉक भी कर दिया है। मामले में प्रार्थिया अंजू ने प्रियंका चेलसे के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत चकरभाठा थाने में दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने प्रियंका चेलसे के खिलाफ 318 (4), 319 (2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच में जुट गई है।