भिलाई। दुर्ग पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्य के लगभग 100 साइबर फ्रॉड करने वाले मुख्य आरोपी को बिहार के नवादा से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। दुर्ग पुलिस आरोपी को भिलाई लेकर पहुंची। एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि आरोपी से देश भर में किए गए हजारों फ्रॉड की कोशिश और 100 से ज्यादा सफल फ्रॉड के मामले का खुलासा होना है। इनके द्वारा कुल ठगी की रकम लगभग 5 करोड़ के करीब है। आरोपी ने 30 से ज्यादा कंपनियों की हुबहू फर्जी वेबसाइट ये बनाकर रखे थे और फ्रेंचाइजी का झांसा देकर लगातार ठगी करने का कार्य कर रहे थे। ठगी के लिए आरोपी कई हाई टेक टूल्स का भी इस्तेमाल करते थे।
इन लोगों ने पिछले एक साल में 5 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। इनके नाम पर 40-50 केस अलग-अलग प्रदेश में दर्ज हैं। दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि इस गिरोह में 40-50 सदस्य शामिल हैं। जिसमें से दो पिता पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। वहीं रजनीश कुमार नाम का मुख्य सहयोगी फरार है। रजनीश बोलने में एक्सपर्ट था। वहीं अलग-अलग नंबरों से लोगों को कॉल करके फ्रेंचाइजी देने के लिए लोगों को लुभावने ऑफर देता था। इन लोगों ने अब तक 17 राज्यों में धोखाधड़ी की है। दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र में भी इन्होंने केएफसी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर दुर्ग के व्यापारी राजेश कुमारी से 9.30 लाख रुपए की ठगी की थी। इसके बाद दुर्ग पुलिस ने इन्हें पकडऩे के लिए एक टीम तैयार की। आईपीएस प्रभात कुमार के नेतृत्व में टीम बिहार के नवादा जिला पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार किया। आईपीएस प्रभात कुमार के अनुसार सुपेला थाने में मामला दर्ज होने के बाद वो लोग एक्टिव हुए। उनकी स्पेशल टीम ने उन नंबरों की पतासाजी की, जिनसे ठगों ने फोन किया था। इसके बाद उस वेबसाइट को चेक किया, जो ठगों द्वारा बनाई गई थी। साइबर एक्सपर्ट से मदद लेने के बाद पता चला कि इन लोगों ने केवल केएफसी ही नहीं बल्कि इसके अलावा पतंजलि, हल्दीराम, किया, सहित 16 कंपनियों की फेक वेबसाइट बनाई थी। इस आधार पर पुलिस ने इन्हें ट्रैक किया और बिहार में 10 दिन तक रेकी करने के बाद आरोपियों पता किया। इस दौरान पुलिस को पता चला कि बिहार के नवादा में रहने वाले रामप्रवेश और सूरज प्रसाद जोशी पिछले कई सालों से ठगी का धंधा कर रहे हैं। पुलिस की टीम जब नवादा पहुंची तो पता चला कि आरोपी अपने गांव से बाहर बहुत कम आते हैं। कैसे फंसे पुलिस के चंगुल में आरोपियों को पकडऩे के लिऐ पुलिस ने सब्जी वाला और चाय वाला बनकर उनकी रेकी की। सारी जानकारी मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से उसके घर में दबिश देकर पिता पुत्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने तेल कंपनी, किया कार, विवो मोबाइल, मैकडॉनल्ड, हल्दीराम, केएफसी, पतंजली, चाय सुट्टा बार, अपोलो टायर, ओकिनावा और बजाज जैसी कंपनियों की वेबसाइट बनाई है। इस के बाद इन फेक वेबसाइट को सिक्योर करते थे। लोग जब इन वैबसाइट से नंबर लेकर उन्हें कॉल करते थे तो वो उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे। इसलिए शुरू किया ठगी करना एसपी की पूछताछ में आरोपी सूरज कुमार (24 साल) ने बताया कि उसके गांव सभी ठगी का काम करते हैं। हिमाचल पुलिस उसके छोटे भाई और पत्नी को बिना कारण गिरफ्तार की थी। इसका बदला लेने के लिए उसने भी दिल्ली से सीखकर ठगी का काम शुरू किया। हालांकि एसपी ने बताया कि यह बयान गलत है। आरोपी उसका पिता राम प्रवेश प्रसाद और उसका भाई सहित पूरा गांव ठगी के काम में लिप्त है। जब भी पुलिस उन्हें पकडऩे जाती है तो गांव के पालतू कुत्ते भौंकने लगते हैं और सभी लोग भाग जाते हैं।Home » फेक वेबसाईट बनाकर 5 करोड़ की साइबर ठगी का मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार

फेक वेबसाईट बनाकर 5 करोड़ की साइबर ठगी का मुख्य आरोपी बिहार से गिरफ्तार
March 4, 2023
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