सुकमा। कंगालतोंग के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लगातार बस्तर में हाईटेक हो रहे नक्सली संसाधनों को जुटाकर खुद को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रहे हैं।
एक ऑपरेशन के दौरान सुकमा के घने जंगलों से जमीन के नीचे डंप किए गए नक्सली सामग्री के ढेर से स्नाइपर जैकेट का सेट मिला है। स्नाइपर जैकेट ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है क्योंकि यह अब तक की पहली घटना है जहां नक्सलियों के पास से स्नाइपर जैकेट बरामद किया गया है। इससे मालूम पड़ता है कि नक्सली लगातार खुद को हाईटेक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में जुटे हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि कंगालतोंग के जंगलों में पुलिस पार्टी सर्च अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों की नजर जवानों पर पड़ गई। जवानों को आता देख नक्सली डंप की गई सामग्री को छोड़ जंगल की ओर भाग गए।
इसके बाद सर्चिंग के दौरान नक्सली सामग्रियों के बीच तीन नग स्नाइपर जैकेट का सेट मिला है। वहीं मौके से बीजीएल के सेल, एक- 47 राइफल के जिंदा राउंड, विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रिक वायर, भरमार बैरल, नक्सली दस्तावेज लकड़ी के स्पाइक, कॉम्बैट वर्दी का कपड़ा सहित अन्य नक्सल सामग्री बरामद किया गया है।
कुछ महीने पहले नक्सलियों द्वारा बीजापुर के चिंतावागू इलाके में सुरक्षा कैंप पर हमला किया गया था और कैंप लूटने की तैयारी थी। इस दौरान सर्चिंग में प्राकृतिक संसाधनों और झाड़ियां से नक्सलियों द्वारा बनाया गया 50 से अधिक जैकेट मिला था, जो हूं बहू स्नाइपर जैकेट की तरह खुद को जंगलों में छुपाने में मददगार था। इस घटना के बाद 13 जून को कंगालतोंग के जंगलों में नक्सलियों के अस्थाई कैंप से तीन नग स्नाइपर जैकेट मिलना सुरक्षा एजेंसीयों के लिए चौंकाने वाला मामला है।
गौरतलब है कि स्नाइपर जैकेट का सेट आम बाजार में मिल पाना संभव नहीं है और जो स्नाईपर जैकेट नक्सलियों के पास से मिला है वह किसी जवान से लूटा हुआ भी नहीं है। ऐसे में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि नक्सली प्रतिबंधित सामग्रियों को आखिर कैसे जुटा पा रहे हैं । नक्सलियों का शहरी नेटवर्क भी समय के साथ मजबूत होता दिखाई दे रहा है।