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छत्तीसगढ़

सौतेले पिता ने ली 8 साल के मासूम की जान, जंगल में फेंका शव

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र में 22 दिसंबर से रहस्यमय तरीके से गायब 8 साल के मासूम का मामला अब भी अनसुलझा है। पुलिस ने शुरुआत में बच्चे के अपहरण और हत्या की आशंका जताई थी और इस मामले में उसके सौतेले पिता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सौतेले पिता ने 8 साल के मासूम का गला घोंटकर हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि आरोपी की दूसरी पत्नी उसके साथ जाने को तैयार नहीं थी, जिस वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने हत्या कर बच्चे के शव को जंगल में फेंकने की बात कबूल की है। हालांकि, अब तक बच्चे का शव बरामद नहीं हो पाया है। ऐसे में यह मामला पुलिस के लिए मिस्ट्री बन गया है।

दरअसल, ग्राम आमागोहन निवासी रेवती गोड़ का 8 साल का बेटा माधव अपने घर से गायब है। पुलिस की जांच में पता चला कि, करीब 10 साल पहले रेवती की शादी कसडोल के प्रमोद साहू से हुई थी। इस बीच दो बच्चे हुए। इनमें आठ वर्षीय माधव बड़ा बेटा था और छोटा बेटा अभी चार साल का है। कोरोना के पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ तो रेवती पहले छोटे बेटे को लेकर मायके आमागोहन आकर रहने लगी। बड़ा बेटा माधव अपने पिता प्रमोद के साथ रह गया था। प्रमोद उसे कसडोल से लेकर आया और खोंगसरा में छोड़कर चला गया। जिसके बाद से वो अपनी मां के साथ रहने लगा।

इस दौरान रेवती का परिचय जांजगीर जिले के ग्राम कैथा निवासी गौरव साहू से हुई। दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। पिछले 10 दिसंबर को गौरव साहू अपने सौतेले बेटे माधव को लेकर घर से निकला, जिसके बाद वो मोबाइल बंद कर गायब हो गया। इधर, रेवती अपने बेटे माधव और गौरव की तलाश में भटकती रही। यह जानकारी पूरे गांव के लोगों को हुई। इस बीच 22 दिसंबर को गौरव अचानक आमागोहन आया, तो लोगों ने उसे पकड़ लिया।

गांव वालों ने जब माधव के बारे में उससे पूछताछ की, तो वह घबरा गया। डर के कारण उसने खुद ही डॉयल 112 में कॉल कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने उसके बारे में बताया, फिर पुलिस गौरव को बेलगहना चौकी लेकर गई। यहां पुलिस उससे बच्चे के बारे में पूछताछ शुरू की, तो उसने बच्चे की हत्या करने की जानकारी दी और शव को जंगल में फेंकने की बात बताई। पुलिस बच्चे के शव की तलाश कर रही है।

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