रायपुर। नवा रायपुर में रेलवे ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। मंदिरहसौद से नवा रायपुर केंद्री के बीच ट्रायल किया गया। ट्रायल में पहली बार 120 की रफ्तार से ट्रेन दौड़ी। करीब 20 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर स्पीड ट्रायल सफल रहा। अब नवा रायपुर, रायपुर रेलवे स्टेशन और विशाखापट्टनम रूट से रेलमार्ग से सीधे जुड़ गया है। विशाखापट्टम से आने वाली ट्रेनों को मंदिरहसौद से डायवर्ट कर नवा रायपुर लाया जा सकेगा। यहां से ट्रेन रायपुर के मुख्य स्टेशन पहुंचेगी।
रेलवे के अफसरों के अनुसार अब मुख्य सुरक्षा आयुक्त से ट्रैक पर नियमित ट्रेन दौड़ाने के प्रमाणपत्र का इंतजार है। उनकी तरफ से हरी झंडी मिलते ही आवश्यकता अनुसार यहां ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। अभी नवा रायपुर में केंद्री तक ही ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकेगा। इस साल के अंत तक यहां परिचालन शुरू किए जाने की संभावना है।
नवा रायपुर में ट्रेन शहर के बीचोबीच से गुजरेगी। सीबीडी एरिया, मुक्तांगन, राज्योत्सव स्थल और मंत्रालय जाने वाली मेन रोड के किनारे से ट्रैक गुजारा गया है, कहीं भी रेलवे फाटक नहीं है लेकिन शहर बसने के पहले ही पटरी के नीचे पुल बना दिया गया है। फाटक नहीं होने से भी किसी प्रकार की ट्रैफिक की समस्या नहीं आएगी।
प्रस्तावित पांच स्टेशन
नवा रायपुर में कुल पांच रेलवे स्टेशन हैं। इसमें अटल नगर, उद्योग नगर, सीबीडी, मुक्तांगन और केंद्री शामिल हैं। केंद्री स्टेशन का निर्माण रेलवे को पूरा करना था जिसे दो साल में पूरा कर दिया गया है। शेष चार स्टेशनों का निर्माण नवा रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी को करना है।
निरीक्षण टीम को नहीं मिली कमी
नए रेलवे ट्रैक पर ट्रेन का ट्रायल करने के पहले रेल सुरक्षा आयुक्त की टीम ने पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया था। रेलवे अफसरों के अनुसार निरीक्षण टीम को ट्रैक पर किसी प्रकार की कमी नहीं मिली है। डीआरएम रायपुर रेलवे मंडल संजीव कुमार ने बताया कि नवारायपुर में सीआरएस की टीम ने जांच किया है। जांच में सही पाया गया है। मुख्य सुरक्षा आयुक्त के गाड़ी चलाने की परमिशन के बाद ट्रेन ट्रैक पर दौड़ने लगेंगी।
