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छत्तीसगढ़ रायगढ़

कॉलेज छात्रा से सरेराह छेड़छाड़, युवक को एक साल की सजा

रायगढ़। कॉलेज जा रही अनुसूचित जाति की एक छात्रा का सरेराह हाथ पकड़कर छेड़खानी के मामले में आरोप सिद्ध होने पर विशेष न्यायालय ने युवक को 1 साल की सजा सुनाते हुए 100 रूपये के अर्थदंड से दंड़ित किया है।न्यायालय सूत्रों के अनुसार मामला सारंगढ़ थानांतर्गत कनकबीरा चौकी क्षेत्र का बताया जा रहा है। ग्राम पाकलडीह निवासी मदन मानिकपुरी (21) महाविद्यालय में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति वर्ग की एक छात्रा को छेड़ने के लिये मौके की तलाश कर रहा था। विगत 19 फरवरी के पूर्वान्ह लगभग 11 बजे युवती कॉलेज जा रही थी। मदन पहले से भालूपानी बेरियर और परतुंगा के बीच सूने स्थान पर जाकर खड़ा हुआ था। युवती दुपहिया वाहन से वहां पहुंची तो आरोपी ने हाथ दिखाकर युवती को रोका और बलपूर्वक हाथ पकड़ते हुए जंगल की ओर ले जाने लगा। युवती ने अपनी मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। युवक की पकड़ ढिली होने पर युवती ने किसी तरह अपना हाथ छुड़ाया और भागते हुए घर पहुंची। उसने अपनी मां को आपबीती बताई। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने मदन मानिकपुरी के खिलाफ भादंवि की धारा 340, 354 और अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (1) (डब्ल्यू) (1) 3 (2) (वी) के तहत अपराध दर्ज कर केस डायरी न्यायालय में पेश किया। विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी जितेंद्र कुमार जैन ने कॉलेज छात्रा से छेड़छाड़ के संवेदनशील मामले में वारदात से जुड़े सभी पहलुओं, सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद आरोप प्रमाणित होने पर आरोपी मदन मानिकपुरी को एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए और 100 रूपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है। नियत समय पर अर्थदंड की राशि नहीं चुकाने पर जेल में एक रोज अतिरिक्त रहना होगा। इस केस में शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अनूप कुमार साहू ने पैरवी की।

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