नई दिल्ली। दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधा आईसीयू में पहुंच गई हैं। यहां के अस्पतालों, मोहल्ला क्लीनिक में पर्याप्त जरूरी दवाएं, जांच के उपकरण, डॉक्टर, पानी-शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सहित दूसरी आवश्यक सेवाएं नहीं हैं। मरीजों को सर्जरी के लिए 10 माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। कई विभागों में डॉक्टर न होने के कारण सुविधाएं तक शुरू ही नहीं हो पाई। इसका खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट से हुआ है।
अस्पतालों में स्टाफ का अभाव- दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग स्टाफ की 21 फीसदी कमी और प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की गंभीर कमी मिली। दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल (34 फीसदी), जीटीबी अस्पताल (28 फीसदी), लोकनायक (20 फीसदी) और भगवान महावीर अस्पताल (33 फीसदी) में रिक्तियां मिली। शिक्षण और गैर-शिक्षण विशेषज्ञों की भारी कमी के कारण सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।