बारिश के मौसम में अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। वायरस से संक्रमित मच्छरों के काटने से डेंगू की बीमारी होती है। बुखार जैसे आम लक्षण से शुरू होने वाली यह बीमारी कई बार जानलेवा रूप ले लेती है। बारिश के मौसम में डेंगू के केस में खासतौर पर बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अगले दो महीने तक मच्छरजनित बीमारी से बचाव जरूरी है। अगर एक बार किसी को डेंगू हो गया है तो दूसरी बार भी डेंगू होने का खतरा रहता है। दिन के समय डेंगू के मच्छर सबसे अधिक काटते हैं, इसलिए इस समय विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंख के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द रहने के साथ शरीर में चकत्ते पड़ते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखते है तो तुरंत डेंगू का टेस्ट कराकर इलाज कराना चाहिए।
रोकथाम के लिए करें ये उपाय-
> डेंगू एक संक्रामक बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसीलिए डेंगू से बचने का सबसे सीधा उपाय है मच्छरों से खुद को सुरक्षित रखना।
> मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए आसपास पानी के जमाव को रोकें। पालतू जानवरों के पानी के बर्तन को ढक कर रखें।
> मच्छर से बचाव के लिए आप क्रीम का इस्तेमाल करें। जहां मच्छर काटने की संभावना ज्यादा हो वहां मच्छर प्रतिरोधी क्रीम लगाकर ही जाएं।
> खुद को मच्छर से बचाने के लिए फुल स्लीव के शर्ट और फुल पैंट के साथ जूते-मोजे पहनें।
> रात में ही नहीं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले ऑल आउट जैसे लिक्विड का इस्तेमाल जरूर करें।
> कूलर के पानी में केरोसिन तेल डालें, इससे मच्छर पनपने की संभावना काफी कम हो जाती है।
> डेंगू से बचने के लिए आप टीकाकरण भी करवा सकते हैं।
> पानी की टंकी को ढक कर रखें।
खुद दर्द की दवा लेने से बचें-
> तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, शरीर पर चकत्ते, उल्टी, कमजोरी महसूस हो तो डेंगू हो सकता है। बुखार के साथ पेट दर्द है तो टाइफाइड हो सकता है। चार से पांच दिन में पैरासिटामोल खाने से बुखार कम होने लगता है तो सामान्य बुखार है।
> यहां चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर प्लेटलेट्स कम है, डेंगू का पता चल गया हो तो अपने आप दर्द की दवा नहीं लेना चाहिए। सिर्फ पैरासिटामोल लेना चाहिए। दर्द की दवा लेने से ब्लीडिंग होने का खतरा रहता है।
डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।