इंदौर। इंदौर के भवरकुआ थाना क्षेत्र के स्वामीनारायण मंदिर में एक युवक ने एक युवती और उसके भाई को गोलियों से भून डाला और खुद को भी गोलीमार कर आत्महत्या कर ली। यह घटना कल यानि गुरुवार को हुई। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है। इस कहानी में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सिरफिरे आशिक के आखिरी मैसेज में कई खुलासे हुए हैं। गोली मारने वाले का नाम अभिषेक बताया जा रहा है। जिस लड़की से अभिषेक प्यार करता था उसका नाम स्नेहा है। इन दोनों के बीच कोरोना के लॉकडाउन के वक्त प्यार प्रसंग शुरू हुआ था।
खुद को गोली मारने से पहले स्नेहा के पिता को बताया सारा सच
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभिषेक को स्नेहा से प्यार हो जाता है। स्नेहा मंदिर में मांग भरवाने के बाद अभिषेक को न सिर्फ हसबैंड बुलाती थी, बल्कि उसकी पत्नी की तरह देखभाल भी करती थी। कहती थी कि तुमने जिस दिन मेरा हाथ छोड़ा, मैं उसी दिन मर जाऊंगी। गोली मारकर जान देने से पहले अभिषेक ने खुद इसका पर्दाफाश किया। उसने स्नेहा के पिता मुकेश जाट के कर्मचारी चंद्रेश जैन सहित अन्य को मैसेज भेजे थे।
साल 2019 में शुरू हुई थी प्रेम कहानी..
मैं आपको स्नेहा और मेरे बारे में बताने जा रहा हूं। मेरे मैसेज को ध्यान से पढ़ना। स्नेहा और मैं दिसंबर 2019 में रिलेशनशिप में आए थे। स्नेहा से कहा था कि मैं शादी नही करूंगा। कुछ दिनों बाद स्नेहा ने कहा ठीक है। हमारी ज्यादा बात नहीं होती थी। लाकडाउन लग गया और हमारी बातें ज्यादा होने लगी। दिनभर एक-दूसरे से बात करते थे। हमारे बीच प्यार बढ़ गया और एक-दूसरे से ज्यादा अटैचमेंट हो गया। लाकडाउन खुला और हमारा मिलना-जुलना स्टार्ट हो गया। शुरुआत में हम रीजनल पार्क या कैफे में मिलते थे। स्नेहा कुछ न कुछ गिफ्ट लेकर आती थी। मुझसे कुछ भी गिफ्ट नहीं लेती थी। कहती थी मैं घर नहीं ले जा सकती हूं। हमारे बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
स्नेहा ने अभिषेक पर शादी करने का बनाया दबाव
स्नेहा मुझ पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। शादी नहीं की तो मैं मर जाऊंगी। मंदिर में शादी करो वरना मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे। हमने मंदिर में जाकर शादी कर ली। वो मुझसे हसबैंड की तरह बात करने लगी। प्यार से हबी बोलने लगी। सुबह उठते से ही मुझे गुड मार्निंग हबी के मैसेज करती थी। वो मुझे अपना हसबैंड ही मानने लगी। हसबैंड की तरह मेरी केयर करनी लगी। उसकी केयर से मेरे अंदर भी उसके लिए फीलिंग्स आने लगी।
एक दिन हम लोग देवास दर्शन करने गए तो वहां स्नेहा कहने लगी कि माताजी के सामने मेरी मांग में सिंदूर भरो। मैंने मांग में सिंदूर भर दिया और हमारी दो बार शादी हो गई। स्नेहा मेरे लिए फिर सारे उपवास करने लगी, जो एक पत्नी अपने पति के लिए करती है। सावन सोमवार व हर साल करवा चौथ का उपवास करने लगी। हमारा रिलेशन बहुत मजबूत हो गया था।
हम दोनों के बीच कोई तीसरा इंसान…
हम दोनों की बांडिंग बहुत ज्यादा अच्छी हो गई थी। हम डेली मिला करते थे। स्नेहा मेरी हसबैंड की तरह केयर करती थी। कहती थी- तुमने मुझे छोड़ा तो मैं उसी दिन मर जाऊंगी। स्नेहा के कहने पर मैंने पर्सनल रूम रेंट से लिया था। हमारा रिलेशन बहुत अच्छा चल रहा था। फिर हम दोनों के बीच कोई तीसरा इंसान आ जाता है….