नई दिल्ली। गूगल ने एंड्रायड और प्ले स्टोर से संबंधित कई बदलावों की घोषणा की है। इससे यूजर्स जहां डिफाल्ट सर्च की सुविधा मिलेगी, वहीं प्री-लोडेड गूगल एप्स से छुटकारा मिल जाएगा। जानते हैं इन बदलावों और प्रभावों के बारे में…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) ने अपनी एक रिपोर्ट में देश के स्मार्टफोन इकोसिस्टम में गूगल द्वारा प्रतिस्पर्धा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद गूगल सीसीआइ के दिशा-निर्देशों पर सहमत होते एंड्रायड से संबंधित बदलावों के लिए तैयार हो गया। हालांकि, सीसीआइ के कई प्रश्नों का गूगल द्वारा जवाब देना अभी बाकी है। जिन मुद्दों को लेकर गूगल सवालों के घेरे में है, उनमें एंड्रायड स्मार्टफोन में प्री-इंस्टाल्ड एप, यूजर्स के पास सर्च इंजन या वेब ब्राउजर का विकल्प नहीं होना, प्री लोडेड गूगल एप्स का अनइंस्टाल नहीं कर पाना और प्ले स्टोर पर डेवलपर्स तथा कस्टमर के लिए थर्ड पार्टी बिलिंग एप नहीं होने जैसे मुद्दे शामिल हैं।