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कोरबा

दो हाथियों का दल हुआ एक, भय के साए में रात गुजारने को मजबूर इस गांव के ग्रामीण, वन अमला हुआ अलर्ट

कोरबा। वनमंडल कोरबा के लेमरू रेंज में दो अलग-अलग दलों में बटे हाथियों का दल बीती रात फिर कोरई के कदमझरिया में एक साथ मिल गए हैं । हाथियों का यह दल अब  कोरई जंगल होते हुए बालको व लेमरू रेंज की सीमा में डेरा डाल दिया है।

वन अमला हाथियों की निगरानी में जुटा हुआ है। हाथियों की मौजूदगी को लेकर अलर्ट किया गया है। हाथियों के दल को सुबह यहां ड्रोन कैमरे के जरिए देखा गया। हाथियों का लोकेशन सीमा पर मिलते ही लेमरू के साथ-साथ बालको रेंज के अधिकारी व कर्मचारी भी सतर्क हो गए हैं।

हाथियों के आगे बढऩे की संभावना है। हाथियों के इस दल में 13 हाथी शामिल हैं, जिसमें एक शावक भी है। हाथियों का दल एतमानगर रेंज से पहुंचा है और बालको के जंगल व फुटका पहाड़ के रास्ते लेमरू पहुंच गया है। विगत दो दिनों से लेमरू के जंगल में लगातार विचरण कर रहा है। हालांकि हाथियों ने अभी कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है। ग्रामीणों में भय व्याप्त है, भय के साए में रात गुजारने को ग्रामीण मजबूर हैं।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाथियों को जंगल में पर्याप्त पानी व चारा मिल जा रहा है तथा दल में नन्हा शावक भी है। इसलिए शांत बने हुए हैं। उधर करतला रेंज के चिकनीपाली जंगल में भी 6 हाथियों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। हाथियों का यह दल काफी दिनों से यहां गुफानुमा क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं।  वन अमला ग्रामीणों को सतर्क करने में लगा है, साथी ही जंगल जाने से मना किया है।

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