बालाघाट। मैंने प्रदेश की बहनों की जिंदगी बदलने की मन में ठान ली हैं। जब तक जिंदगी नहीं बदल देता, तब तक सांस नहीं लूंगा। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चला रहे हैं ताकि बहनें रोजगार करके परिवार की जीविका चला सके। अभी कुछ दिन पूर्व एक नई योजना चालू किए है, जिसका नाम लाड़ली बहना योजना रखे है। इस योजना के फार्म भरना भी शुरू हो गए हैं। फार्म भरने के समय यदि कोई पैसे मांगें तो मत देना और 181 नंबर पर शिकायत करना, मैं उसे छोडूंगा नहीं। ये बात प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रानी अवंती बाई स्टेडियम लांजी में सोमवार को लाड़ली बहना सम्मेलन में महिलाओं से संवाद करते समय कहीं।
श्री चौहान ने कहा कि रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस है, बेटी पैदा होते ही अब लखपति हो जाती है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से तीस हजार खाते में जमा करवाएं जा रहे है और 21 साल की होने पर बेटी एक लाख रुपये की हकदार होती हैं। इससे माता पिता को अब बेटी की शादी करने के लिए चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे चेक या खाते में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए स्व-सहायता समूह बनाकर उन्हें काम करने लगाया। आमदानी बढ़ रही है और वे परिवार की जीविका चल रही हैं। बहनों से कहा मैं सगा हूं, सौतेला नहीं हूं। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के फार्म भरने के लिए 25 अप्रैल से हर गांव शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें 30 से 35 फार्म भरे जाएंगे, पांच दिन हो जाएं या 10 दिन जब तक पूरे फार्म भरकर नहीं हो जाते तब तक शिविर लगेगा।
लाड़ली बहना सेना बना रहे है जिसमें बहनों को शामिल करेंगे। इससे घरेलू हिंसा रोकने में मदद मिलेगी। मुझे बहनों का साथ चाहिए। अब दुष्कर्म करने वाले आरोपित को हम छोड़ेंगे नहीं, सीधे फांसी पर लटकाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि बहनों को राजनीति में आगे लाने आधी सीटे रिजर्व की। इसके अलावा शिक्षा, पुलिस में बेटियों को भर्ती करवाने पर ध्यान दिया जा रहा है।