राजस्थान/भीलवाड़ा । जिले के हरी सेवा धाम उदासीन आश्रम में विश्व की सबसे बड़ी रोटी बनाई गई। 185 किलो वजनी रोटी के साथ ही विश्व रिकार्ड बनाया गया। इससे पहले विश्व की सबसे बड़ी रोटी का रिकार्ड जामनगर (गुजरात) के नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज था।
आठ अक्तूबर को विश्व की सबसे बड़ी रोटी का विश्व कीर्तिमान बनाया गया। यह रिकार्ड इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकार्ड (वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ एक्सीलेंस) में दर्ज हो गया है। इस रिकार्ड को महामंडलेश्वर स्वामी हंसाराम जी उदासीन के पावन हाथों से सोमवार को सर्टिफिकेट और मेडल राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष बीजेपी जिला प्रवक्ता कैलाश सोनी को हरी सेवा आश्रम में प्रदान किया गया।
राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया, सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भीलवाड़ा शहर का नाम विश्व पटल पर छा जाने व विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए विश्व की सबसे बड़ी रोटी का निर्माण 8 अक्तूबर को हरी सेवा धाम में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में बनाया गया। इस रोटी का व्यास 11.25 फीट x 11.25 फीट और वजन 185 किलो की बनी थी। इस रोटी को बनाने के लिए भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों से 24 हलवाई की टीम द्वारा विश्व की सबसे बड़ी रोटी को छह घंटे से अधिक समय में बनाया गया।
इसको देखने के लिए भीलवाड़ा शहर सहित भीलवाड़ा जिला और आसपास के जिलों से आमजन इसी रोटी को बनते हुए देखने के लिए आए थे। इसका तवा लगभग 1000 किलो और साइज 16 गुना 12 फीट की थी। इसको बनाने के लिए 1100 ईटों की भट्टी में 1000 किलो कोयले का इस्तेमाल किया गया था।
विदित हो कि साल 2012 में गुजरात के जामनगर शहर में 10 फीट बाई 10 फीट की रोटी 145 किलो का वजन का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुई थी। इस रिकार्ड को 8 अक्टूबर को तोड़ दिया गया था।