इंटरनेट की दुनिया भले ही कितनी हसीन हो, लेकिन इसमें जोखिम भी काफी हैं। ये जोखिम आपको बड़े आर्थिक नुकसान में पहुंचा सकते हैं। कैस्परस्की की एक रिपोर्ट के ऐसे ही तीन मैलवेयर का जिक्र किया गया है। ये मैलवेयर हैं डार्कगेट, इमोटेट और लोकीबॉट। बता दें कि, इन मैलवेयर को यूजर का डेटा चोरी करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
डार्कगेट मैलवेयर स्ट्रेन
दअरसल, इस साल जून 2023 में डार्कगेट नामक एक लोडर की खोज की गई हैं। जो वीएनसी, विंडोज डिफेंडर, ब्राउजर, रिवर्स प्रॉक्सी और डिस्कॉर्ड टोकन चोरी में शामिल रहे हैं। डार्कगेट में मैलेशियस कोडिंग की जाती है। जिससे बाद में इसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इंस्टॉल कर दिया जाता है।
इमोटेट मैलवेयर स्ट्रेन
इमोटेट एक बॉटनेट है, जिसे साल 2021 में हटा दिया गया था। हालांकि, इसकी दोबारा से एंट्री हुई है। इस मैलवेयर की एक्टिविटी हाल ही में रिकॉर्ड की गई है।
लोकीबॉट मैलवेयर स्ट्रेन
वहीं तीसरा है लोकीबॉट, जिसका इस्तेमाल मालवाहक जहाज कंपनियों को टारगेट करने के लिए डिजाइन किया जाता है। ये किसी भी संवेदनशील जानकारी को चुराने में काम आता है। इस मैलवेयर को पहली बार 2016 में स्पॉट किया गया था। ये मैलवेयर ऐप्स लॉगिन क्रेडेंशियल चुराने का भी काम करता है।
अगर कभी भी आपके फोन में कोई ऐसा ऐप हो, जिसे आपने डाउनलोड नहीं किया है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। क्योंकि, ये ऐप आपके फोन से जानकारी चोरी कर सकता है।
कैसे पहचाएंगे हैकिंग?
अगर कभी भी आपका डिवाइस स्लो हो जाए, तो इसका संकेत ये भी होता है। इसका मतलब है कि आपकी हैकिंग हो रही है। क्योंकि हैकिंग के दौरान कई गैरजरूरी ऐप बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। इसके अलावा अगर डिवाइस की बैटरी जल्द से जल्द डिस्चार्ज हो रही है तो भी संकेत है कि आपकी हैकिंग हो रही है।