सहारनपुर। उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जनता रोड स्थित आवासीय बालिका सुधार गृह में लड़कियों के गंभीर यौन उत्पीड़न की शिकायत सही पाई गई है। बच्चियों ने प्रबंधक और अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाया है। लड़कियों का कहना है कि यहां न्यूड वीडियो बनाए जाते है। यहां तक की प्राइवेट पार्ट में मिर्च डालकर प्रताड़ित किया जाता है। यौन उत्पीड़न की शिकायत सही पाने जाने पर सुधारगृह की अधीक्षक समेत पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जांच के बाद सहारनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सुधार गृह की अधीक्षक सहित पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, साथ ही मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि सुधार गृह में रहने वाली लड़कियों ने यहां के प्रबंधक और अधीक्षक पर छेड़खानी और मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगाया गया हैं। यहां की एक लड़की ने आरोप लगाया कि मैनेजर छेड़खानी करता है। ऑफिस में बुलाकर कहता है कि तुम बहुत पसंद हो। कपड़ें उतरवाकर वीडियो बना लिया जाता है। यहीं नहीं प्राइवेर्ट पार्ट में मिर्च डालने का भी आरोप लगाया गया है।
उपजिलाधिकारी (सदर) कीर्ति सिंह ने बताया कि यह मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कृति राज, राज्य सेवा के प्रशासनिक अधिकारी (पीसीएस) किंशुक श्रीवास्तव और एसआई सुनीता मालान को बालिका गृह भेजा। उन्होंने बताया कि तीनों अधिकारियों ने इसकी जांच करते हुए वहां की बालिकाओं से अलग-अलग बातचीत की तथा उनके बयान दर्ज किए। कीर्ति ने बताया कि जांच में कुछ आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर अधीक्षक पिंकी, प्रबंधक वीपी सिंह समेत पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। थाना जनकपुरी में जिला परिवीक्षा अधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।