Home » खुद को आईएएस अधिकारी बताकर युवती ने की पीसीएस से शादी, राज खुला पति के उड़े होश
उत्तर प्रदेश

खुद को आईएएस अधिकारी बताकर युवती ने की पीसीएस से शादी, राज खुला पति के उड़े होश

आगरा। आगरा में एक पीसीएस अफसर को आईएएस अधिकारी बताकर युवती ने उसके साथ शादी रचाई। पीसीएस अधिकारी की फेसबुक पर युवती से दोस्ती हुई थी। युवती ने खुद को अंडर कवर बताया। इसलिए पीसीएस अफसर ने ज्यादा जांच नहीं की। दोस्ती आगे बढ़ी तो मुलाकातें शुरू हुईं और प्यार हो गया। बात शादी तक पहुंची और सात फेरे भी हो गए। शादी के बाद युवती की असलियत सामने आई तो अधिकारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि युवती पहले भी कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुकी है। पीसीएस अफसर ने जगदीशपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।

पीसीएस अधिकारी नोबिल कुमार राज्यकर विभाग कार्यालय जयपुर हाउस में जीएसटी अधिकारी के पद पर तैनात हैं। आगरा में वह वृंदावन धाम, अलबतिया रोड पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि फेसबुक पर कल्पना मिश्रा नामक युवती से दोस्ती हुई। कल्पना ने खुद को अंडरकवर आईएएस अधिकारी बताया। तैनाती के बारे में पूछने पर कहा कि बताने की मनाही है। वक्त आने पर सब बता देंगी। कुछ समय बाद उनकी कल्पना से मुलाकात हुई। इसके बाद शादी की बात हुई। शादी का सामान खरीदने के लिए कल्पना ने उनसे बहाने से 71 हजार रुपये लिये। कुछ दिन बाद दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी रचाई। फिर चली गई। जाने के बाद उनसे लगातार रुपयों की मांग करती रही। अधिकारी पैसा भेजते रहे। कब आओगी यह पूछने पर हर बार वह कोई बहाना बना देती। बाद में उन्हें शक हुआ। जानकारी लेने पर पता चला कि कल्पना मिश्रा पहले से शादीशुदा है। पत्नी के बारे में यह पता चलते ही उनके होश उड़ गए। पता चला कि उसकी पहली शादी विकास नगर लखनऊ निवासी मनोज कुमार तिवारी से हुई थी। तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है।
उन्होंने मनोज कुमार तिवारी से संपर्क किया। शादी के साक्ष्य मांगे। उन्होंने साक्ष्य देने से इंकार कर दिया। कई दिन की छानबीन के बाद उन्होंने कल्पना मिश्रा के खिलाफ साक्ष्य जुटाए। पता चला कि वह इसी अंदाज में लोगों को अपने जाल में फंसाती है। इसके बाद डीसीपी सिटी विकास कुमार से मिलकर अपने साथ हुई ठगी की शिकायत की। इसके बाद मामला दर्ज हुआ।

मजिस्ट्रेट बन पुलिस अधिकारी को फंसाया

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कल्पना के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि वह खुद को मजिस्ट्रेट बताकर भी लोगों से मिली थी। प्रेमजाल में फंसाकर उन लोगों से भी रुपये ऐंठे थे। एक एडीशनल एसपी को भी अपने प्रेम जाल में फंसाया था। उन्हें खुद को एसडीएम हाथरस बताया था। इसका वीडियो उनके पास है। कल्पना मिश्रा ने एक साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार करके उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगा है।जगदीशपुरा पुलिस ने युवती की तलाश शुरू कर दी है। मामले में साइबर सेल की मदद ली गई है।

 

Search

Archives